हिमाचल प्रदेश

किन्नौर में भारी बारिश से मलबा सैलाब, शिमला-रिकांगपिओ NH बंद; दो कारें बाल-बाल बचीं

Kavita2
4 July 2026 9:45 AM IST
किन्नौर में भारी बारिश से मलबा सैलाब, शिमला-रिकांगपिओ NH बंद; दो कारें बाल-बाल बचीं
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हिमाचल : किन्नौर जिले में शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। जिले के चोलिंग क्षेत्र में अचानक बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद भारी मात्रा में मलबा बहकर शिमला-रिकांगपिओ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर आ गया, जिससे यह मुख्य मार्ग सुबह से लगभग 10 बजे तक पूरी तरह बंद रहा। इस घटना के चलते इलाके में यातायात बाधित हो गया और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार तड़के करीब चार बजे हुई जब क्षेत्र में अचानक तेज वर्षा शुरू हो गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से पानी और मलबा तेजी से नीचे आने लगा। चोलिंग क्षेत्र में पानी के साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा बहकर मुख्य सड़क पर आ गया, जिससे लगभग 30 मीटर हिस्से में सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई।

इस मलबे के कारण शिमला-रिकांगपिओ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह सड़क किन्नौर को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए इसके बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन रास्ते में फंसे रहे और उन्हें वैकल्पिक मार्गों से भेजने की कोशिश की गई।

इस दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब उसी मार्ग से गुजर रही दो कारें मलबे की चपेट में आ गईं। हालांकि, दोनों वाहन पूरी तरह रुक गए और किसी तरह की बड़ी क्षति या जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की तत्परता के कारण तुरंत स्थिति को संभाल लिया गया और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद लगभग 10 बजे तक सड़क को आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी मरम्मत और सफाई का काम जारी रहा।

इसी बीच रिब्बा क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। यहां रिब्बा-कंडे संपर्क मार्ग पर भी मलबा जमा हो गया, जिससे यह मार्ग पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया। इस मार्ग के बंद होने से आसपास के छोटे गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अभी भी मौसम अस्थिर बना हुआ है और आगे भी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना रह सकता है।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे भूस्खलन और मलबा सड़कों पर आ जाता है। उन्होंने कहा कि शिमला-रिकांगपिओ NH को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए मरम्मत और निगरानी का काम जारी रहेगा।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैनात हैं। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।

कुल मिलाकर, किन्नौर जिले में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर किया है। मलबा आने के कारण मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्गों के बंद होने से यातायात बाधित हुआ, हालांकि समय रहते कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

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